मंदिर कैसे पहुँचें
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चारभुजा जी मंदिर
निकट का प्रसिद्ध मंदिर। भाद्रपद एकादशी पर यहाँ भी मेला भरता है।
गढ़बोर
मार्ग में लगभग 8-10 किमी पर चतुर्भुज विष्णु भगवान का प्राचीन मंदिर। पहले यहाँ "बद्री" गाँव था (स्थापना 1444 ई.)।
गोमती घाट व लक्ष्मण झूला
गोमती नदी पर बना लक्ष्मण झूला। दर्शन से पहले श्रद्धालु यहाँ स्नान करते हैं।
मंदिर समय व दैनिक कार्यक्रम
मंगला आरती
प्रातः भगवान के जागरण की आरती।
प्रातः आरती
दिन की मुख्य आरती।
भोग
भगवान को भोग अर्पण।
संध्या आरती
सायंकालीन आरती व दर्शन।
दर्शन बंद
संध्या आरती के बाद 1 घंटे दर्शन बंद रहते हैं।
रात्रि आरती
दिन की अंतिम आरती।
* उत्सव/मेले के दिनों में समय बदल सकता है।
मंदिर परिचय
सेवंत्री (राजसमंद) स्थित श्री रूपनारायण जी मंदिर राजस्थान के महान तीर्थों में से एक है। यहाँ भगवान विष्णु गदा, पद्म, शंख व चक्र धारण किए माता श्रीदेवी (लक्ष्मी) और भूदेवी के साथ विराजमान हैं। भगवान विष्णु के अनेक रूपों को ध्यान में रखकर बने होने से इसे "रूपनारायण" कहा जाता है।
- प्राचीन मंदिर के ऊपर खजुराहो शैली में बना नवीन मंदिर – दो मंदिर एक में
- मान्यता है कि पांडवों ने यहाँ निवास व पूजा की
- एक ही पाषाण से बने स्तंभ व एक ही शिला की सीढ़ी
- सदियों से जलती अमर ज्योत
- चारों ओर अरावली की पहाड़ियाँ, वन, गोमती घाट व लक्ष्मण झूला
- भक्त देवाजी पंडा को दर्शन देने की कथा
मंदिर के मेले व उत्सव
🌊 जल झूलनी मेला
सबसे विशाल मेला। भगवान व अन्नपूर्णा जी की रेवाड़ियाँ सजाकर जगती में भजनों सहित प्रदक्षिणा होती है, फिर हाथी-घोड़े-ऊँट, ढोल-मृदंग के साथ आमल्डा सरोवर में झुलाई जाती हैं।
🎨 फाग महोत्सव
दोपहर में भगवान को डोलड़ा चौक पर भजनों के साथ झुलाया जाता है और रात को अलग-अलग प्रकार की गैर नृत्य होता है।
⛰ अन्नकूट
मंदिर में बड़े उत्साह व धूमधाम से अन्नकूट उत्सव मनाया जाता है।
🙏 शबरी एकादशी
विशेष पूजा-अर्चना व दर्शन का पर्व। (विवरण मंदिर प्रशासन से पुष्टि करके अपडेट करें)
🚩 हर दशम की रेवाड़ी
सदियों से हर दशम की रात भगवान को रेवाड़ी में बिठाकर जगती में भजनों सहित प्रदक्षिणा करवाई जाती है।